यदि भला किसी का
(लय : दिल लुटने वाले……..)
यदि भला किसी का करन सको तो, बुरा किसी का मत करना
यदि सदगुण मोती चुग न सको तो, दुर्गुण से घर मत भरना
(ध्रुव)
यदि सच्ची साक्षी दे न सकौ तो झुठ गवाही मत देना
यदि नीति से धन पा न सको तो घुंस किसी से मत लेना यदि न्याय किसी का कर न सको अन्याय किसी का मत करना ॥१ ॥
यदि कृष्ण सरीखा बन न सको तो कंस कभी बन मत जलना
यदि राम भरत सम बन न सको तो रावण पथ पर मत चलना
यदि सच्ची सीता बन न सको तो, शूर्पणखां बन मत मरना ॥२॥
यदि युधिष्ठिर बन न सको तो, दुर्योधन बन मत आना
यदि महावीर सम बन न सको तो, संगम बन मत इठलाना ॥
यदि चंदनबाला बन न सको, मूला बनकर मत जलना ॥३ ॥
यदि आम वृक्ष सम बन न सको तो, आक तुल्य मत अकड़ना
यदि कोयल नही तो मुनि कन्हैया, कौआ बनकर मत आना
यदि सरल सुई सम बन न सको तो कैची बनकर मत चलना ॥४ ॥