= बन्ना – बन्नी गीत
(लर्ज:- झुमका गिरा रे)
आज शुभ दिन आया रे, आज शुभदिन आया रे
बरसो के इन्तजार में।
बाबाजी ने ब्याह रचाया दादी मंगल गावे,
ताऊजी ने ब्याह रचाया ताई मंगल गावे,
ढोल बाजे, मंजीरा बाजे और बाजे शहनाई,
शहनाई बाजे रे बाबुल के दरबार में।
पापाजी ने ब्याह रचाया मम्मी मंगल गावे,
चाचाजी ने ब्याह रचाया चाची मंगल गावे,
ढोल बाजे, मंजीरा बाजे और बाजे शहनाई,
शहनाई बाजे रे बाबुल के दरबार में।
मामाजी ने ब्याह रचाया मामी मंगल गावे,
भैयाजी ने ब्याह रचाया भाभी मंगल गावे,
ढोल बाजे, मंजीरा बाजे और बाजे शहनाई,
शहनाई बाजे रे बाबुल के दरबार में।
मौसाजी ने ब्याह रचाया मौसी मंगल गावे,
फूफा जी ने ब्याह रचाया बुआ मंगल गावे,
ढोल बाजे, मंजीरा बाजे और बाजे शहनाई,
शहनाई बाजे रे बाबुल के दरबार में।