= बन्ना – बन्नी गीत=
(लय- दो दिवाने दिल से चले हैं देखो मिल के)
दरवाजे वे ओम लिखवा दो, शुभ-लाभ लिखवा दो। हमारे घर शादी हैं।
माथे बन्नी के टीका सोहे,
लड़ियो पे ओम लिखवा दो, शुभ-लाभ लिखवा दो।
हमारे घर शादी है।
हाथ बन्नी के चूड़ियाँ सोहे, कंगन पे ओम लिखवा दो, शुभ-लाभ लिखवा दो। हमारे घर शादी है।
इसी प्रकार से
अंग –
चुनरी –
चुनरी
गले –
नेकलेस
लॉकेट
पैर –
पायल –
घूंघरु आदि के नाम लेने है