श्री रामदेव आराधना
(तर्ज – धमाल….)
झीणा रे झीणा घूघरा, बाबै रे धाम बाजे रे, गांव रुणीचे अजमल जी रो, लाल बिराजै रे, क रामो अवतारी,
हो रामो अवतारी, दरशन नै जिण रै आवै नर नारी।।
पहलो पहलो परचो माता, मैणां दे ने दिन्यो रे,
बालपणा में दूध उफणतो, ढाब दिन्यो रे,
क रामो अवतारी,
हो रामो अवतारी, शंका मेटी मैणा दे माता री।।
दूजो परचो गांव रूणीचे, दर्जी नै दिखलायो रे,
कपड़ा रो घोड़लियो आप, आकाश उड़ायो रे,
क रामो अवतारी,
हो रामो अवतारी, कलयुग में देव बड़ो भारी।।
तीजै परचे रामदेव जी, भैरव राक्षस मारयो रे,
पाप मिटायो गांव रूणीचो, आप उबारयो रे,
क रामो अवतारी,
हो रामो अबतारी, हेलो सुण आवै लीलै असवारी।। रामदेव जी री महिमा भाया, दास “जितेन्द्र” सुणावे रे, बाबा रे चरणों में नित, संतोष पावै रे,
क रामो अवतारी,
हो रामो अवतारी, अरजी सुण लीज्यो बाबा भक्तां री।।