श्री भैरव आराधना
(तर्ज बच्चे मन के….)
आओ, बाबा आओ, कीर्तन को सफल बनाओ,
मैया का दरबार सजा है आसन आप लगाओ।।
काला गोरा नाम तेरा, तोलियासर में धाम तेरा,
भक्त अनेकों जाते हैं, तेल सिन्दूर चढ़ाते है,
विनती पर तुम गौर करो, देरी अब ना और करो
श्वान सवारी करने वाले ,घुंघरू बांध के आओ।।
निर्धन को धन मिल जाए, सूनी गोदी भर जाए,
रोगी के सब रोग मिटे, सब की बाधा दूर हटे,
इतनी तुम देना शक्ति, खूब करें तेरी भक्ति
अष्ट सिद्धि नव निधी के दाता, सब की आस पुराओ।।
रतन तेरा गुण गाता है. चरणों शीष झुकाता है, तुम ही भाग्य विधाता है। भक्त मंडल का यहअरमान “विमल बढाये तेरी शान
माँ काली के लाल लाडले, सब को सुखी बनाओ।।