(तर्ज-धीरे-2 बोल कोई सुन ना ले)
मीठो-२ बोल थारो काई बिगड़े ,काई बिगडै़ थारो काई बिगडै़-३
इस दुनियां में गम नहीं ,कब निकले प्राण मालुम नहीं
सोच समझ लेना तु ये संसार
खाली झोली मत भरना तु यार
तु जान ले पहचान ले, संसार किसी का घरनहीं
कब निकले प्राण मालूम नही
भूल गया क्यों रे मूरख इंसान
तुअपना ये धर्म और ईमान
अब जाग जा, प्रभु नामले ,प्रभु साथ तो फिर डर नही