,(लय -जहाँ डाल डाल पर)
शुभागमन गुरु वर का सूरज सोने का उदियाया
कण-2 सबका हरषाया
सपना सच में आज बदल गया देवदार लहराया
कण-३ सबका हर्षाया
① परम पूज्य गुरुदेव हमारे है नयनों के तारे
उर्जस्वल आभामंडल, जिन शासन सजग सितारे
शाहदरा की धरा उर्वरा में अमृत बरसाया
समवशरण का गीत निराला वाणीजनकल्याणी-2 अतिशायी व्यक्तित्व विरल भाग्योदयकी सहनाणी
चन्दनवन, नन्दनवन अनुपम, सबके मनको भाथा
फले महोरथ आज हमारे मेहरबान गणमाली
उग्र विहारी प्रभु अवतारी आए ले खुशहाली
स्वागत गाए आज बधाएं स्वर्णिम अवसर पाया
महाश्रमण जी की संयम-चर्या अद्भुत अलबेली
आगम आधारित प्रवचन बदलेगे जीवन शैली
ज्योति पुंज प्रभुवर का हमको मिला सुखद सिरसाया