(लय- जहां डाल डाल पर)
गुरु ब्रह्मा है, गुरु विष्णु है गुरु ज्ञान के दीप जलाये
चरणो में शीष झुकायें ,हम श्रद्धा सुमन चढ़ाये 2-2
① गूंजी है हर घर शहनाई हर घर में दीप जले हैं गुरु के चरणो में वंदन
स्वागत के सुमन में खिले है
अब स्वर्ग उतर आया धरती पर
आभा नई नवेली -3 ,गुरुवे नमः (4)
② फौलादी दृढ संकल्प लिये
करते प्रभु, अमृत सिंचन
मानवता के ज्ञाता गुरुवर
करते शत-शत हम वदन्- ? ये स्वागत के पल
भेंट कर हम 3 भावों के मुक्ता फल – ③, गुरुवे नमः ④
③ जागे भाग्य मेरे प्रदेश केचरण पड़े गुरुवर के
विद्या की धरती पर हम सब
गुरुवर वन्दन करते-③
हर पुलकित, हर पुलकित मन
ये आंगन होगया पावन-2
गुरु ब्रह्मा, गुरु विष्णु हे