यै तो सच है कि भगवान है है मगर फिर भी अनजान है धरती के रूप माँ बाप का उस विधाता की पहचान है
①जन्म दाता हैवो जो नाम जिनसे मिला,
थामकर जिनकी अंगुली है बचपन चला
कंधे पर बेठकर जिनके देखा जहाँ
ज्ञान जिनसे मिला क्या भला क्याबुरा
इतने उपकार है क्या कहे, ये बताना ना आसान है
② जन्म देती है जो माँ जिसे जग कहे
अपनी संतान में प्राण जिसकेरहे हो ss
लोरिया होठो पर सपने बुनती नजर
नींद जो वार दे ,हंस कर हर दुख सहे ह
ममता के रूप में है प्रभु, पाया आपसे वरदान है
आपके ख्वाब हम, आज होकर जवां
उस परम शक्ति से करते हैं कामना
(हो इनकी छाया रहे रहती दुनिया तलक
एक पल रह सके हम ना जिनके बिना
आप दोनो सलामत रहे सब के दिल में ये अरमान है