आज हमारे घर आँगन में
(तर्जः माईनी माई मुंडेर पे)
आज हमारे घर आँगन में देखो खुशिया छाई
, सौ-सौ साधुवाद उन्ही को, तप में शक्ति जगाई
तपस्या करल्यो थे, तपस्या करल्यो थे।
① भिक्षु शासन की बगिया में, तप का फूलखिला है
बड़े भाग्य से ऐसा नन्दनवन, गण हमें मिला है
, इस उपवन की ठंडीलहरे-2 चले पवन पुरवाई,
सौ सौ साधुवाद उन्ही को –
② तप के पथ पर चलने वाले, सचमुच किस्मत वाले, हिम्मत से बढ़ने वाले, वाले, अवसर का लाभ उठाले, संयम तप की सौरभ से 2 महके कलिया अलसाई
सौ सौ साधुवाद उन्ही को-
③ मंगल गाए मोद मनावें, इस स्वर्णिम अवसर पर
, सोई शक्ति जगाकर के तप, दीपजलाए घर घर
श्री भिक्षु करुणा से-2 तप की अलख जगाई
सौ सौ साधुवाद उन्ही को-