(लय-बनो तेरी अंखिया है हजारी)
मैया तेरी महिमा है निराली-2
मैया मेरी ऊंचे पर्वत वाली-2
तभी वो कहलाती पहाड़ा वाली-2
मैया तेरी तेरी जोत जले दिन राती -2.
तभी तो कहलाती जोतावाली
मैया तेरी महिमा
मैया तेरे काले-2 केश,
तभी तो कहलाती लाटावाली
मैया मेरी सबपे महर जो करतो,
तभी तो कहलाती महरा वाली
मैया मेरी करती सिंह सवारी,
तभी तो कहलाती शेरावाली
मैया मेरी सबको शक्ति देती
तभी तो कहलाती शक्ति शाली
मैया तेरे हलवा पूड़ी का भोग,
तभी तो कहलाती भंडारेवाली