(लय- धीरे धीरे बोल कोई सुन ना ले)
आओ आओ आओ गुरुदेव आओ भक्तों को मत तरसाओं
हमे हमारे देव भाग्य पर नाज महाश्रमण मेरे मुख-२की आवाज
गुरु का सिर हाथ बने शासन नाथ -2
करते अर्पित श्रद्धा सुमन हम देखे —
कम से कम पन्द्रह दिन का का आवास
सब आगे बढ़े, इतिहास गर हे सिद्ध पुरुष कह दो वचन
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पूर्वी दिल्ली की अरजी लो स्वीकार आप पधारे होगा नव त्यौंहार
यह भावना फले आशा दीप जले है, इन्तजार हो आगमन –
पूज्य प्रवर से दो पंक्तियां, जो हम गाने जा रहे है वो हम आपके श्री मुख से सुनना चाहते है प्रस्तुत है ये दो परिचय
जल्दी आयेगें हम यमूना पार
स्वप्न तुम्हारे हो जाएँ साकार
भरदो हुँकार तेरी जयन्जय कार
बढ़ते जायेंगे ये चरण
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