ज्ञान शाला
लय- (सावन का महीना)
बच्चों हो जाओ तुम अब जल्दी से तैयार
चले ज्ञान शाला मिलजुल, हम बहे ज्ञान की धार
कितनी है प्यारी ज्ञान शाला हमारी
बनते है नन्हे मुन्ने यहाँ संस्कारी
अनुशासन सांचे में ढल पाए नया निखार
बाल बोध पुस्तक सुन्दर नन्ही सी माला
मुख वस्त्र आसन चादर वेश है निराला
समता पाठ पढे हम माने जगको परिवार।
मंगल पाठ, हमने तिक्खुतो है सीखा
पच्चीस बोल देते तत्व ज्ञान तीखा
प्रातः उठकर जपते हम महामन्त्र नवकार
बच्चे है फिर अच्छे पथ के राही
श्रावक बनेगे सच्चे धर्म के सिपाही
श्री तुलसी प्रभुका है हम पर भारी उपकार
श्री महाश्रमण महिमा मय माने उनका आभार