गुरुवर का शुभ आगमन मंगल मय दिन आज ।
मंडल की वर्धापना, स्वीकारो गुरुराज ॥ (लावणी)
लय- पनिहारी
गंगाजल सम् पावन उज्जवल ज्योत जी
ओ करे जन-2रो उद्धार
आया दिल्ली र द्वार
कल्पतरू उतयोरे है म्हारे आंगणे
देखो मोरा रो चरू उतरंयो दिल्ली शहर में -2 (
श्रीचरणा म वन्दना, पूछ रहया सुखसात -2
धन्य घड़ी धन भाग ओ उग्यो स्वर्ण प्रभात 3
कल्पतरू उतयोरे है म्हारे आंगणे
खिलगी है सारी कलिया आज जी
पाकर इमरत री बरसात
दर्शन पाया म्हे साक्षात्
हर्ष न मावेजी म्हारे हिवड़ में
कल्पतरू उतयोरे है म्हारे आंगणे
मैतो आज मनावा ओ गुरुवर दीवाली त्योहार
खुशियां छाई है अपार
आज बधावा जी म्हारे आंगणे
कल्पतरू उतयोरे है म्हारे आंगणे
धरती और गगन उतारे आरती
गावै गीत बयार -2
किरणा अगवानी में
आती ले उपहार
कलपतरू उतयो है म्हारे आंगणे
मंगल तिलक लगावा भाल परजी
जागी दुनिया री तकदीर
थे हो नवयुग री तस्वीर
श्रद्धा रा श्रीफल लाया भेंटणो गुरु राज
कलपतरू उतयो है म्हारे आंगणे