(लय- मिलों न तुमसे)
गिरिजा नन्दन थारो वन्दन, प्रथम करा महाराज
पधारो आंगणिये
प्रथम मनावा म्हे थाने
रिद्धि सिद्धि लेकर आवोजी-2
कृपा करो महे ध्यावां थाने ,सारा काम सरावोजी
सुंड सुंडाला दूंद दूं दाला – देवा का सरदार
पधारो आंगणिये
मंगल के दाता प्रभुजी थारी महिमा भारी है
सकल मनोरथ सारो थासू आज गुजारिश है
विघ्न विनाशक थे गजानन
आय सुधारों काज