(लय – जहाँ डाल डाल पर सोने की)
हर रंग है प्यारों भारत को पण ओ रंग सबसू न्यारो
ओ मरुधर देश है म्हारो -2–
इरी धजा उड़े गिगनारा, ओ म्हाने प्राणा स्यूभी प्यारो । -अठे धोरा री धरती रा टिंबा आबू पर्वत ऊं चो – 2
उद्यापुर झीला री नगरी हैं, अजब धाम रुणीचो-2
जठे जोधाणे री छटा निराली चित्तोड़ो गढ़ लूंठो
ओ मरुधर देश है म्हारो -2.
अठे पन्ना माँ को बजर कलेजो भगति रस मीरा को -2
अठे अमर सिंह राठौड़ गजब ओ सरल हृदय करै माँ को इक वीर सिरोमणि महाराणा को जबरो है उणियारों
ओ मरूधर देश है म्हारो
धरती रो रुतबो ऊंचो है गरब गुमान भी ऊंचो-2
ई पर तनड़ो मनड़ो वारो और प्रेम सू इणने सींचो
अठे प्राण निछावर सोरा है, और प्रण न निभाणो दोरो