तपस्या गीत
मारी गोरी सी हथेलिया में मैहंदी राची ओ मारा मारूसा राची ओ मारा मारूसा, मै हाथ किया जोडूली मै वंदना किया करूली
उपवास करूँ तो मारो जीव घबरावे, बेला करूँ तो मारो जीव घबरावे, तेला री गेरी मन में आवे ओ मारा मारूसा आवे ओ मारा मारूसा मैं हाथ किया जोड़ुली, मैं वंदना किया करूंली
मारी गोरी सी हथेली में मैंदी राची ओ मारा मारूसा राची ओ मारा मारूसा मैं हाथ किया जोडुली, मैं वंदना किंया करूंली
चौलो करू तो मारो जीव घबरावै, पांच करूं तो मारो जीव घबरावे अठांया री गैरी मन में आवे हो मारा मारूसा मैं वंदना किया करूंली मैं हाथ किया जोडुली ।
मारी गौरी सी हथेली में मेंदी राची ओ मारा मारूसा राची ओ मारा मारूसा मैं हाथ किंया जोडुली, मैं वंदना किंया करूंली
नौ करूं तो मारो जीव घबरावै दस करूं तो मारो जीव घबरावे ग्यारा री गेरी मन में आवे हो मारा मारूसा, आवे हो मारा मारूसा मैं हाथ किंया जोडुली मैं वंदना किंया करूंली ।
(मेंहदी)
मेंहदी तो वावी मालवे ने एनो रंग गयो ज
गुजरात रे
मेंहदी रंग लागी
पेला ऋषभनाथ वांदस्या काई दूजा अजितनाथ देव रे
छोटो सो देवर लाडलो यो लायो मेंहदी रा झाड़ रे…….. सोहनशिला मेंहदी वाटिया कोई रतन कटोरे गलाये रे……. छोटा सा बाईसा लाडला वै मांड्या भाबज रा हाथ रे……… नेमजी री राची चिटली आंगली राणी राजुल रा दोन्यूं हाथ रे
डूंगर ऊपर डूंगरी कई सोनो घड़े रे सुनार रे
नेमजी रे घडजे काना में कुंडल ,राणी राजुल रे नवसर हार रे
चोखो लाग्यो रंग लाल रे वो तो वर्षीतप रा भाव चढ़ाय रे वास करया बेला करया कई अठाया रा चढता भाव रे शासन माता आप आवजो
मारी तपस्या में साता दिराय रे