( तर्ज-मेरे नैना सावन भादो)
हे शंखेश्वर पार्श्व जिनेश्वर अर्जी सुनो हम लाए हम लाए हम लाए
④ नाव, पुरानी है पार लगानी है साहिल ही जब छूट गया हो धीरज कौन बंधाए कोई नजर नहीं आए परमेश्वर तेरा सहारा पाये
② कित्नो, को तारा है भवसे, उबारा है। द्वार पे तेरे आए प्रभुवर झोली हम फैलाए है क्या खाली हम जाएँ भक्त मंडल की से अभिलाषा, दर्शन तेरा हम पाये