।। श्री श्याम वन्दना ।।
(तर्ज-एहसान मेरे दिल पे…..)
जलवा है बाबा श्याम का मस्ताना दोस्तो,
मिलकर बड़े हजुर को बहलाना दोस्तों ।। टेर ।।
अर्जी करी जो श्याम से मंजूर हो गई,
*मिलने की घड़ी श्याम से नजदीक हो गई,
देना है अपने प्यार का नजराना दोस्तों ।। मिलकर…।।
नाना रकम के फूलों से दरबार सज गया, केशर गुलाब मोगरे का भाग्य जग गया, *अन्तर बड़े सलीके से छिड़काना दोस्तो ।। मिलकर..।।
रबड़ी मलाई सेव सपाटू कचोड़ियाँ, यमुना का नीर पान की मीठी गिलोरियाँ, भोजन के बाद आरती है गाना दोस्तों ।। मिलकर..।।
पहले सुनेंगे श्याम की फिर दिल की कहेंगे, ‘नन्दू’ शरण प्रभु की अब कभी ना तजेंगे, *सुनता है ये जहान का अफसाना दोस्तों ।। मिलकर..।।