Nand Lalo Yo Maiya Bigad Gayo Re

।। श्री श्याम वन्दना ।।

(तर्ज-दो हंसो का जोड़ा….)
नन्द लालो यो मैया बिगड़ गयो रे, 
मेरी मटकी को माखन सबड़ गयो रे ।। टेर ।।
कल रात चुपके से घर मेरे आया,
 छीकें से जुलमी माखन चुराया,
 हाथ पकड़ी तो, बैरी अकड़ गयो रे ।।१।।
गुस्से से मोहन को मैंने माँ डाटा,
 घर में क्या तेरे है, माखन का घाटा, 
नाक चौखट पे मेरी रगड़ गयो रे ।। २ ।।
मैं बोली चोरी से माखन क्यूँ खावे, 
मांगे से दे दूँगी तू जितनो चावे, 
बात सुनके वो मेरी उखड़ गयो रे ।।३ ।।
गुजरी ना इतरा माखन पे तेरे, 
नदियाँ बहे घर में मईया के मेरे, ‘
र्फोकट में मोसे झगड़ गयो रे ।।४।।

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