(लय- अलख जगावा)
जय -2 जय बोलोनाभि र लालरी-2 कटज्या करम तमाम
आदीश्वर रोनाम प्यारोलागे है…..माला
नाम नाम रटता सिद्ध हुव सब काम प्यारो लागे
पुन्याई रो पूत्तलो, ज्ञान रो है दिवलो धर्म धूरी अवतार, प्यारो लागे हैआदीश्वर रोनाम
वनिता दूलारों मरुदेवा प्यारो । स्वपन कियो, साकार पहला ही राजा,सिखाई रिवाजा, ब्राह्री सुन्दरीरोतात,
प्यारो लागे है आदीश्वर रोनाम
नगरी नगरी द्वारें -२फिरया मास बारह मिल्यो नही आहार करम री कहानी प्रभूजी री जाणी ,कुण कर सके गुमान प्यारो लागे है आदीश्वर रोनाम
पौत्र श्रेयांश हाथ, पारणो कियो है नाथ, इक्षुरस री धार सरिता समन्दर धरती अम्बर । गूंजा जय जयकार
प्यारोलागे है–आदीश्वर रोनाम
तपरी ज्योति, प्रगटी विभूति घर-2 मंगल गान
-प्यारो लागे है आदीश्वर रोनाम
साधकर समता तज दी मोह ममता । ऋषभ बण्या भगवान, प्यारोलागे है आदीश्वर रोनाम
वो ही तपधारै, आज पंचम आरे । लोग असंख्य ,मुनिराज
प्यारो लागे है
आखा तीज आई प्रभु री याद ल्यायी, गण उपवन गुलजार , प्यारो लागे है आदीश्वर रोनाम