लागी लागी नाव किनारे
तर्ज : तेजा रे….
लागी लागी नाव किनारे अब लागी हो। जनम सुधार्यो थे तो सांतरो। । ध्रुव ।।
कुण बेटो कुण बाप जगत में, सारी सुपने री माया।
ममता मत करज्यो नश्वर देह री।।१ ।।
बड़ो कठिन है मन नै दमणो, खमणो और खमाणो हो।
गांठां मत रखज्यो मन में नेह री।। २ ।।
कुण है अपणो और परायो, नाम प्रभु रो जपणो हो।
ओ ही है सम्बल साचो जीव रो ।। ३ ।।
जीती जबरी बाजी थे तो, सफल कियो अवतार हो।
कित्ती समता है थारै त्याग में ।।४।।
सरलभाव स्यूं खमत-खामणा, अब सारा स्यूं कर लिज्यो।
खमणो-खमाणो मोटो धर्म है ।। ५ ।।
जैन धर्म और भिक्षु शासन, तुलसी सा गण नाथ मिल्या।
त्यागी संता रो शरणो सार है।। ६ ।।
शरणों ह अरिहंत देव रो, सिद्ध साधु रो शरणो है।
शरणों साचो है जिन धर्म रो ।। ७ ।।
卐卐卐