(लय- आज मंगलवार है)
महाप्रज्ञ मतिमान हैं, जिन शासन की शान हैं।
विश्व संत के चरणों में नत मस्तक सकल जहान हैं ।। टेक ॥
छोटे से टमकोर ग्राम में कोहिनूर को जन्म मिला। तोलाराम तात वर माता बालूजी का भाग्य खिला।
योगी का फरमान है, बालक पुण्य निधान हैं||1||
तीन महीने के न हुए परलोक सिधारे पिता प्रवर।
वैरागी बनकर मां बेटे पहुंच गये सरदार शहर।
कालू करूणावान हैं, संयम दिया महान है।।12।।
नथू से मुनि नथमल बनकर किया शास्त्र अभ्यास हैं। तुलसी के विद्यालय में पढ पाया प्रखर प्रकाश हैं।
जागा अंतरज्ञान है, प्रकटा प्रज्ञावान हैं।।३।।
जन्म दिवस पर कोटि-कोटि अर्पित हैं मंगलकामना ।
पग पग विजय वरो प्रभु मेरे सोमलता की भावना। सफल सुखद अभियान हैं पूरा गण गतिमान है। 14 ||