सास सांस पर परमात्मा का ध्यान लगाये हम
किमन को शान्त बनाये हम
1 जीवन है संग्राम इसे जीना सीखे हम
अमृत व विष दोनों को पीना सीखे हम
लाभ अलाभ हर्ष, शोक में सम बन जाए हम
मन को शान्त बनाये हम कि मनको –
2. वर्तमान में जीने का अभ्यास बढ़ाते जाएं 2
भूतकाल के चिन्तन में हम समयं नहीं गवाये
प्रतिक्रिया के घावो से निजको बचाये हम
. कि मन को शान्त बनाये हम-2
3. सहज भाव से हम अपना कर्तव्य निभाते जाये -2
हो विश्वास अटल पर फलकी आशा नहीं सताये
आधि व्याधि और उपाधि का भार मिटाये हम
बढ़े आत्म विश्वास सदा उल्लास भावना भी हो
मिटे सभी तनाव सजगता सदा साधना में हो।
दुख के क्षणको सभी सुख में परिणत कर पाये हम
कि मन को शान्त बनाये हम