करा दो मेरो ब्याह
[तर्ज : हम तुम चोरी से…]
राधिका गौरी से, बृज की छोरी से,
मैया करा दे मेरो ब्याह ॥
जो नहीं ब्याह करावे, तेरी गैया नाही चरावू
आज के बाद मोरी मैया, तेरी देहरी पर ना आवू,
आयेगा-रे, मजा, रे मजा, अब जीत-हार का।
राधिका गौरी से…
चन्दन की चौकी पर, मैया तुझको बैठाऊं,
अपनी राधिका से मैं, चरण तोरे दबवाऊं,
भोजन-बनवाऊंगा, बनवाऊंगा, मैं छत्तीस प्रकार का।राधिका गौरी से…
छोटी सी दुल्हनिया, जब अंगना में डोलेगी,
तेरे सामने मैया, वो घूंघट ना खोलेगी,
दाऊ से-जा कहो, जा कहो, बैठेंगे द्वार पे।
राधिका गौरी से…
– सुन बातें लाला की, मैया बैठी मुस्काए,
लेकर के बलैयां, अपने हिवड़े से लगाए,
नजर कहीं लग जाए ना, लग जाए ना, मेरे ही लाल के।
राधिका गौरी से.