।। श्री श्याम वन्दना ।।
(तर्ज-थोड़ा सा प्यार हुआ है…)
सांवरा सेठ मेरा, मुझे हर पल सम्भाले,
मेरा परिवार सारा, सदा इसके हवाले ।। टेर।।
मेरे सुख दुख का साथी, मेरा ये हमसफर है
मेरे घर रूखाली, करे आठों प्रहर है,
मेरे संकट ये हरता, मेरी बाधाएँ टाले ।।१।।
ये जीवन डोर सौंपी, मैंने हाथो में इसके,
इतना कसके ये पकड़ा, कैसे थोड़ी भी खिसके,
छत्र-छाया में इसकी, उजाले ही उजाले ।।२।।
जहाँ ले जाये मुझको, वहाँ मैं जा रहा हूँ,
सलौने सांवरे की, कृपा मैं पा रहा हूँ,
इसके देने के देखे, तरीके है निराले ।। ३ ।।
मस्तियां लुटाता है, जो है इसके भरोसे,
नहीं भण्डार घटता, जहाँ बाबा परोसे, है
सिर पर हाथ इसका, ‘बिन्नू’जमकर मजा ले ।।४।।