Tum Sajati Raho Hum Sajate Rahe

(लय- सलामे इश्क मेरी जां जरा कबूल कर लो)

तुम सजती रहो हम सजाते रहें माँ सजाने में आनन्द आता है

 १. तुम रोली बनो हम पानी बने घुल जाने में आनंद आता है 
२. तुम दीपक बनो हम बाती बने लौ लगाने मेंआनंद आता है 
 ३. तुम सागर बनो हम लहरें बने डूब जाने मेंआनंद आता है 
 ४. तुम चन्दा बनो हम चकोरी बने दिल लगाने मेंआनन्द आता है
 ५. तुम मैया बनो हम बेटी बने माँ बुलाने मेंआनन्द आता है …

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