(लय- मुझे तेरी मुहब्बत का सहारा मिल गया होता )
तेरे स्वागत में मैया जी, मैंने पलकें बिछाई है,
चली आओ मेरी मैया, घड़ी शुभ फिर से आई है,
तेरे स्वागत में मैया जी…..
मिली थी जो ख़ुशी मुझको, बिछाई राहों में तेरी
कदम मेरे घर में रख दो माँ, सही जाये न अब देरी
मेरी तक़दीर में फिर से तुम्हारी सेवा आई है
चली आओ मेरी मैया, घड़ी शुभ फिर से आई है,
तुम्हारी कृपा से मैया, अभी तक जो भी पाया है, मिलाकर प्यार उसमें माँ, भोग तेरा बनाया है,
जरा विश्राम कर लेना, तेरी चौकी सजाई है
चली आओ मेरी मैया, घड़ी शुभ फिर से आई है,
सजा कर रख लूँगा मैया, निशानी तेरे चरणों की,
दरश से तेरे मैया जी, मिटेगी प्यास जनमों की,
तेरी दीवानी ने मैया इस कब से लगाई है
चली आओ मेरी मैया, घड़ी शुभ फिर से आई है,