Yadi Nath Ka Nam Dayanidhi Hai To

(लय- यदि भला किसी का कर न सको तो)

यदि नाथ का नाम दया निधि है तो दया भी करेंगे कभी ना कभी
 दुख हारी हरि दुखिया जन के दुख कलेश हरेंगे कभी ना कभी यदि नाथ का नाम……
1. जिस अंग की शोभा सुहावनी है। 
जिस श्यामल रंग में मोहनी है 
उस रूप सुधा से स्नेहीयो के दृग प्याले भरेंगे कभी ना कभी 
यदि नाथ का नाम
2. जहां गिद्ध निषाद का आदर हो 
जहां व्याघ अजामिल का घर हो 
वहीं भेष बनाके इस घर में हम जा ठहरेंगे कभी ना कभी यदि नाथ का नाम….
3. करुणा निधि नाम सुनाया जिन्हें 
चरणामृत पान कराया जिन्हें 
सरकार अदालत में यह गवाह सभी गुजरेंगे कभी ना कभी 
यदि नाथ का नाम…
4. हम द्वार में आपके आकर पड़े 
मुद्दत से इसी जिद पर अड़े 
भव सिंधु तरें जो बड़े-बड़े तो 
यह बिंदु तरेंगे कभी न कभी 
यदि नाथ का नाम…

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