ऐ मालिक तेरे बंदे हम्म….
ऐ मालिक तेरे बंदे हम, ऐसे हों हमारे करम
नेकी पर चलें और बदी से टलें
ताकि हंसते हुए निकले दम ऐ मालिक तेरे बंदे हम…
बड़ा कमजोर है, आदमीअभी लाखों हैं इसमें कमी
पर तू जो खड़ा, है दयालु बड़ातेरी किरपा से धरती थमी
दिया तूने हमें जब जनम तू ही झेलेगा हम सबके गम
नेकी पर चलें और बदी से टलेंताकि हंसते हुए निकले दम
ऐ मालिक तेरे बंदे हम…
ये अंधेरा घना छा रहा तेरा इंसान घबरा रहा हो रहा बेखबर, कुछ न आता नजर सुख का सूरज छुपा जा रहा है तेरी रोशनी में वो दम जो अमावस को कर दे पूनम नेकी पर चलें और बदी से टलें ताकि हंसते हुए निकले दम ऐ मालिक तेरे बंदे हम…