(लय-नीले गगन के तले)
हे संघ की बेल फले जग में ज्योति जले-2
ऐसे ही फैले एैसे ही पसरे ऐसे ही फूले फले हे हे संघ की बेल फले
जग मे ज्योति जले ।
भिक्षु राज की सुन्दर बगिया देखो ये कैसे फलेऽऽऽ खुशबू फैले महके चहुं दिश सुरभित जग को करें
जगमे ज्योति जले
बलिदानों की गौरव गाथा गर्वित हमको करे ऽऽऽ
प्राण निछावर करते इस पर इसकी शान बढ़े
हे संघ की बेल फले।