जागो बहिनो नव प्रभात यह जागृति काआह्रान करे
हम आज नया निर्माण करे हम युगधारा मे प्राण भरे
एक लक्ष्य से -2 एक दिशा में एकसाथअभियानकरे
हम आज नया निर्माण करें, हम युग धारा में प्राण भरे
१.श्रद्धा सेवा सहन शीलता नारी के श्रृंगार है
समता और सृजनता सुखमय ,जीवन के आधारहै-2 महिलाओं की कार्यकुशलता पर सात्विक अभिमान करे
हम आज नया निर्माण करे
② नयी पौध के शुभ भविष्य की है हम पर जिम्मेदारी नयी सृजन के गीतों से ,विकसित हो जीवन फुलवारी-2
सही अर्थ में नारी की गरिमा का अब सम्मान करें
हम आज—–
③ पूरब से हर रोज नया सूरज अब हमे उगाना है अधिकारों से कर्तव्यों को ,ऊंचा हमे उठाना है -2
ज्ञान ज्योति से अन्तर मन के तम काअब अवसानकरे
हम आज नया निर्माण करे
युग प्रधान आचार्य चरणको सदा रहेगी आभारी
जिनके उद्बोधन से जागी ,सदियों से सोयी नारी । -2
प्रभु के एक इशारे पर हम जीवनको बलिदान करें।
हम आज नया निर्माण करे