पिता मतलब –
वो हाथ, जो थामते वक्त काँपते नहीं, पर छोड़ते वक्त पूरी दुनिया हिला देते हैं…
पिता मतलब –
वो जेब, जिसमें खुद के लिए कुछ नहीं, पर बच्चों के हर सपने की जगह होती है…
पिता मतलब –
वो साया, जो खुद धूप में चलता है, ताकि हम छाँव में रह सकें…
बाप पेज 66
पिता मतलब –
वो चेहरा, जो हर दर्द छिपा लेता है, ताकि घर में कोई उदास न हो…
पिता मतलब
वो आवाज़, जो कम बोलती है, मगर हर शब्द में दुनिया का तजुर्बा होता है…
पिता मतलब…
वो कहानी, जिसे हर कोई सुनाना चाहता है, पर शब्द नहीं मिलते…
वो एहसान, जिसे कोई चुका नहीं सकता, बस सिर झुकाकर “धन्यवाद” कह देना ही काफी है।
क्योंकि – पिता सिर्फ़ रिश्तों में नहीं, हमारी रगों में बसते हैं…!