(लय – देना है तो दीजिये)
गोरा बाई थारी चुनड़ी र चारु पल्ला मोर-2
ईसर जी थाने निरखे थे तो होजी चितचोर-2
लांबा लाबा केश है थारा ,झुमका झोला खावेजी-2
नैणा काजल ऐसो घाल्यो , ईशर जी री नींद चुरावै जी
थारो लटको कामण गारो-२ ,थेतो होजी चितचोर
गौरा बाई थारी चुंदड़ी
टीको पेरेयो रखड़ी पैरी, पेरयो नौसर हारजी-2
हाथामें चूड़लों घणो सोहणो कंगना री झिणकारजी-2 बड़ा, प्यारा-2 मूलको-2 ,थे तो होजी चितचोर
गौरा बाई चुंदड़ी रे चारू पल्ला मोर
इठला कर के जद थे चालो कन्दोलो बल खावै जी-2 पैरयो घेर घूमेर घाघरो पायल छम छम बाजेजी-2
ईशर जी रो मनड़ो डोले, थे तो होजी चितचोर
गोरा बाई थारी चुनड़ी र चारू पल्ला मोर-2
ईशर जी थाने निरखे, थे, तो हो जी चितचोर