Adasi To Badasi Navkarsi Ji

अड़सी-बड़सी

अड़सी तो बड़सी नवकारसी जी, पोरसी रो बडो पच्चखाण, मुझ शील सुहावणा जी ।। 
बास बाजूबंध बोरला जी, बेलै-तेलै तिलक लिलाड़, 
मुझ शील सुहावणा जी। 
चोले में ओढो सुरंगी चूनड़ी जी, पांचा बासां बडो पच्चखाण, मुझ शील सुहावणा जी। 
छवां में पैरो छल्ला-मूंदड़ी जी, सातां बासां बडो पच्चखाण, मुझ शील सुहावणा जी।
 अठाई में आटूं कर्म क्षय करया जी,
 नवां बासां बडो पच्चखाण, मुझ शील सुहावणा जी। मुझ शील सहावणा जी।

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