“Soni Soni Lage Maiya

(तर्ज : छुप छुप बैठे हो….)

सोणी सोणी लागै मैय्या, लूण राई वारो जी, नजर उतारो माँ की, नजर उतारो जी ।।
पहली बार देख्यौ मैय्या, रूप ऐसो प्यारो, मनड़ै रो मोर देखो, नाचण लाग्यो म्हारो, चम चम बिन्दिया स्यूं, हो रहयो उजारो जी ।। 1 ।।
आज सिणगार खूब, जच रहयो मैय्या, बैठ्या बैठ्या आज थे भी, हंस रहया मैय्या, चुनड़ी रो लाल रंग, लागै सब नै प्यारो जी ।। 2 ।।
भक्त थांरा देख रहया, थारै खानी मैय्या, थोड़ो थोड़ो आ रै खानी, थे भी देखो मैय्या, सेवक हां पुराना मैय्या, कुछ तो विचारो जी ।। 3 ।।
लूण ल्याओ राई ल्याओ, लाल मिर्ची ल्याओ, मैय्याजी के माथे ऊपर, सात बार घुमाओ, भक्तां सब जोर से, लगाओ जय जयकारो जी ।। 4 ||

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