यह जैन तपस्या और अनुमोदना के अवसरों पर गाया जाने वाला आध्यात्मिक गीत है। A spiritual song for Jain Tapasya and Anumodana.
तर्ज (Tune): कभी प्यासे को पानी पिलाया नहीं
भजन के बोल / Lyrics
माता पिता और गुरु
मिलते सौभाग्य से माता पिता और गुरु उनके उपकार को तुमभुलाना नही
भाव सेवाका मन में भावित रहे उनके दिल को कभी भी दुखाना नहीं
① जन्मदाता है वो पालन पोषण करें ज्ञान देकर जीवन सवारे सदा
मान अभिमान वश उनका अपमान कर बूढी आंखों से आंसू बहाना नही
केवल लेनाही लेना नहीं ठीक है लेकर लौटाने की मन मे हो भावना
सिर्फ स्वारथ में माँ बाप को भूलकर कर्ज अगले जन्म में
लेजाना नहीं