मैं तो बचपन री बातां
(लय : मैं तो बाबुल रे बागा री चीड़कली)
मैं तो बचपन री बातां न याद करुं हँसतो खिलतो बितायो हो बो काल … बुढ़ापो बैरी आय गयो।
॥ स्थायी ॥
ज्ञाती लोगां रो पायो हो प्रेम घणो
अब बिगड़ी है सगलां री चाल … बुढ़ापो बैरी आय गयो।
म्हारा मन चाया सब काम होवता
अब तो पुछे न जायोड़ो लाल … बुढ़ापो बैरी आय गयो।
म्हे तो माखण मिश्री खाई घणी
मिले सुख स्यूं न अब रोटी दाल … बुढ़ापो बैरी आय गयो।
मुख री सुन्दरता बा कठि न गई उड़ग्या
माथे रा सगला ही बाल … बुढ़ापो बैरी आय गयो।
बेटा पोता री बातां तो जावणद्यो
जावतां री उतार हैं खाल … बुढ़ापो बैरी आय गयो।
सोच डोकरे स्यूँ पीन्डो कद छुटसी पग पग पर है बिछायोड़ो जाल … बुढ़ापो बैरी आय गयो।
म्हारी पीड़ा न आज सुणाऊँ कठे
जाण कुण कांई होवेला जो हाल…
बुढ़ापो बैरी आय गयो।
जीवन संध्या री हालत उपरे
गाई विजय मुनि आ ढाल … बुढापो बैरी आय गयो।