Badi Ghodi

बडी घोड़ी 

कठोड स्यू घोड़ी उतरी ओ विणजाराजी कोई कंठोड लियारे मलाण, नवल विणजारा जी
 विकाण स्यू घोडी उतरी ओ बिणजारा जी, कोई विराटनगर लिया रे मलाण, नवल 
नाय र बांधी बागमं ओ विणजारा जी, कोई सौदागर फिर फिर जाय, नवल 
काणी तो मांग डोड्स ओ विणजारा जी, कोई जगातां री खरी रे जगात, नवल 
हाण्या रो डाण चुकायस्यां ओ विणजाराजी, कोई जगातां री भरां रे जगात, नवल… रे
 एकूण सा घोड़ी मोल लेव ओ बिणजारा जी कोई ए कुण खरचला दाम, नवल दादाजी घोड़ी मोल लेव ओ बिणजारा जी कोई बाबाजी खंर्चला दाम, नवल 
बापुजी ले घर आइया ओ बिणजाराजी, कोई काकाजी ठाण बंधाय, नवल 
बीराजी दूध पिलायसी ओ बिणजारा जी, कोई बीराजी सरवर पाय, नवल 
(नाम)
 दाणो दिरायसी ओ बिणजाराजी, कोई (नाम) बावु मेन्दी लगाय, नवल…. (नाम)सेवरा फिरायसी ओ बिणजाराजी कोई छोटा मोटा नाच कराय, नवल 
जंबाई, खुरड़ो रोकसी ओ बिणजाराजी, कोई जीजा फूंफा पकड़ लगाम, नवल 
घोड़ी तो चंचल चांदण ओ बिणजाराजी, कोई वांधी चंदणीयारे रुंख, नवल… 
माथा री मीडी मेण की ओ बिणजारा जी, कोई तेजण तीलक लिलाड़, नवल 
मुखीयाड़ो मोत्यां जड्यो ओ बिणजारा जी, कोई लालां जड़ी रे लगाम, नवल 
पुठ पीलाण हीरा जड्यो ओ बिणजारा जी, कोई चोवटड़ो जल पोस, नवल 
घोड़ी रा ऊर खुर बाजणा ओ बिणजारा जी, कोई शहर पड्यो रिमझोल, नवल 
घोड़ी तो हद सिणगारीया ओ बिणजारा जी, कोई अब बनड़ो सिणगार, नवलजा, काइ माथ मोरध्वज पाग, नवल…. 
सुतण बनासा र सांवटी ओ बिणजारा जी, कोई नाड़ो लाल गुलाल, नवल
 कड्यां कटारो बाकड़ो ओ बिणजारा जी, कोई सोवटड़ी तलवार, नवल….. 
डोरो बनासा रे चोवड़ो ओ बिणजारा जी, कोई गोरस हिवड़ र मांय, नवल…..
 घडीयां बनासा रे चैन की ओ बिणजारा जी, कोई अंगुठ्‌यारो हद सिणगार, नवल 
पगारे लाखीणी मोचड्या ओ विणजारा जी, कोई मेदी राच्या पांव, नवल….. बनड़ो तो हद सिणगारीया ओ बिणजारा जी, कोई अब जानी सिणगार, नवल 
आधा तो जानी केश ओ विणजारा जी, कोई आधा लाल गुलाल, नवल खांगी तो बाध पागड़ी ओ बिणजारा जी, कोई चाल राठौड़ां री चाल, नवल 
काका तो बाबा मामल्या ओ बिणजारा जी, कोई चौथो गायड़मल री बाप, नवल 
जानी तो हद सिणगारीया ओ बिणजारा जी, कोई अब जनण्या सिणगार, नवल
 माथो तो न्हायो मेट स्यू ओ बिणजारा जी, कोई चुपड्यो तेल फुलेल, नवल 
पाटी तो पाड़ी मेणरी ओ बिणजारा जी, कोई मोत्या मांग भराय, नवल 
कोयां में काजल घुल रयो ओ बिणजारा जी, कोई बिंदली रो सर्व सुहाग, नवल 
घुम घुमाल्यो घाघरो ओ बिणजारा जी, कोई ओढ़ण दिखणी रो चीर, नवल 
रात तो रेशम कांचली ओ विणजारा जी, कोई टीबा लचकादार, नवल … 
पगल्यां में पायल बाजणी ओ बिणजारा जी, कोई विछिया रो हद सिणगार, नवल 
तीखा तो काढ़ घूंघटा ओ बिणजारा जी, कोई धीमी चाल चाल, नवल … 
काकी तो बडीया मामली ओ बिणजारा जी, कोई चोथी गायड़मल री माय, नवल 
जनण्या तो हद सिणगारीया ओ बिणजारा जी, कोई अब रथड़ो सिणगार, नवल 
ऊंची ऊंची छतरी हद बणी ओ बिणजारा जी, कोई खोली लाल गुलाल, नवल 
रथड़ो तो हद् सिणगारीया ओ बिणजारा जी, कोई अब बैली सिणगार, नवल 
बैल्यां र टाली टोकरा ओ बिणजारा जी, कोई सिर पाटुड़ री डोर, नवल 
बैल्यां तो हद सिणगारीया ओ बिणजारा जी, कोई अब हाली सिणगार, नवल
 हाल्यां र ओढ़ण कांबला ओ बिणजारा जी, कोई सोहन मुरख्यां कान, नवल 
हाली तो हद सिणगारीया ओ बिणजारा जी, कोई अब म्हारी जान चढ़ाय, नवल 
दादाजी रो पोतो घोड़ी चढ़ ओ विणजारा जी, कोई नानाजी रो राय दूहीत, नवल..
. काका रो भतीजों घोड़ी चढ़ ओ विणजारा जी, कोई मामा रो भवर भाणेज, नवल… 
बीरां रो बन्द घोड़ी चढ़ ओ बिणजारा जी, कोई शरद पुन्यू रो चांद, नवल 
(नाम)
रो छावो घोड़ी चढ़ ओ बिणजारा जी, कोई माता री सोहन कुख, नवल 
ढेर नगारो घोड़ी चढ्या ओ बिणजारा जी, कोई शहर२ जाय उत्तरीया बाग म ओ बिणजारा जी. कोई पड्या रे नगारा री ठार, नवल…
कोटण व्यायी डरपिया ओ बिणजारा जी कोई सरस सगाजी री जान, नवल
 बाबाजी जाय धतोपीया ओ बिणजारा जी, कोई थे जिन कायर होय, नवल 
गाडा भर ल्याया खीचडी ओ बिणजारा जी. कोई चरु रे चढ़ावा थार बार, नवल
घी भर ल्याया सीनवा ओ बिणजारा जी, कोई नदी रे बवावा थार बार, नवल 
बोरा भर ल्याया खोपरा ओ बिणजारा जी, कोई गाल गवांवा धार बार, नवल 
रुपीया भर ल्याया कोथली ओ बिणजारा जी, कोई खर्चा सगां थांर बार, नवल 
खर्चा तो बर्चा गांठरा ओ बिणजारा जी, कोई शोभ सगा थांरी होय, नवल….. 
धार गोरा राइबर सासर ओ विणजारा जी, कोई लेस्या चोवड़ भात, नवल…. 
चौवड़ भात न सांपज ओ बिणजारा जी, कोई एकाम चूक न होय, नवल
 सीरो तो लाग गिजगिजो ओ बिणजारा जी, कोई लाडु गुड़गुड़ जाय, नवल खाजा तो लाग खरखरा ओ बिणजारा जी, कोई सरस कतल्यां रो भात, नवल
 धारे गोरा राइबर सासर ओ बिणजारा जी, कोई लेस्यां दोबड़ दात, नवल
 दोबड़ दात न सांपज ओ बिणजारा जी, कोई एका म चूक न होय, नवल 
चरु ए कढ़ाई आडणी ओ बिणजारा जी, कोई दूकड्यां सूदो दात, नवल 
बार गोरा बनड़ा सासर ओ विणजारा जी, कोई लेस्यां सोल बेस, नवल 
सोल तो बेस न सांपज ओ बिणजारा जी, कोई चारां में चूक न होय, नवल 
दोय पाटू दोय रेशमी ओ विणजारा जी, कोई पील सूदो बेस, नवल … 
थार गोरा राइबर सासर ओ बिणजारा जी, कोई ऊमट आयो मेय, नवल छीणगारी छांटा पड़ ओ बिणजारा जी, कोई पेड़ा ज्यूं परनाल, नवल 
भीज गोरा राइवर रो सेवरो ओ बिणजारा जी, कोई सासरीये गढ़ हेट, नवल … जानी तो भीज जोड़ का ओ बिणजारा जी, कोई जनण्यां रो सो सिणगार, नवल
बांर गोरा राइबर सासर ओ बिणजारा जी, कोई सुणी रे अनोखी बात, नवल
मिनक्यां तो मांड मांडणा ओ बिणजारा जी, कोई पोल्यां गाव गीत, नवल
व्याइजी थाप येपड़ी ओ बिणजारा जी, कोई व्यायण गिण गिण जाय, नवल
व्याइजी पैर्यो घाघरो ओ बिणजारा जी, कोई व्यायण बांध पाग, नवल
व्याइजी जायो हालरी ओ बिणजारा जी, कोई व्यायण खाव सुंठ, नवल …
व्याइजी घर में घुसरया ओ विणजारा जी. कोई व्यायण कर रे जवाब, नवल…
 बनड़ो तो बनडी से चढ्यो ओ बिणजारा जी. कोई साल्यां न चढ गयो ताव, नवल..
.परण गुरण घर आइया ओ बिणजारा जी, कोई हरख्यो सो परिवार, नवल 
हरखी बैन सवासणी ओ बिणजारा जी, कोई हरखी गायड़मल री माय, नवल…
 ऊठो माऊजी रांधो लापसी ओ बिणजारा जी, कोई घोड़ी रा उर खुर पूज, नवल….
ऊठो भुवाजी करो आरतो ओ बिणजारा जी, कोई बेनड़ लूण अंवार, नवल… 
भुवा बाई मूंग आरत ओ विणजारा जी, कोइ बेन बीराजी र व्याव, नवल 
घड़ी घड़ी र आरत ओ बिणजारा जी, कोई भरु रे मोरा स्यूं मूठ, नवल 
भीत्यां र मांड्या मांडणा ओ बिणजारा जी, कोई क दादर क मोर, नवल … 
(नाम )जी र आई कुलबहु ओ बिणजारा जी, कोई क लीछमी क लाछ, नवल …. 
लाछ बिलोव विलोवणो ओ बिणजारा जी, कोई लिछमी भर्या रे भंडार, नवल 
दाज उतारो डागल ओ बिणजारा जी, कोई बनड़ी झरोखारे माय, नवल 
दाज लुगाया देखसी ओ बिणजारा जी, कोई माटो शहर बंटाय, नवल…. 
बनड़ो तो मन में हरखीयो ओ बिणजारा जी, कोई डलो रे पड्यो डाव हाथ, नवल…. 
बनड़ी तो मन म हरखीया ओ बिणजारा जी, कोई पड़यो रे संमद माय सीर, नवल
 गोरो सो पूंचो गदगुदो ओ बिणजारा जी, कोई चंदू बाई रो चूड़लो हाथ, नवल
 बनड़ो तो मूगों सासर ओ विणजारा जी, कोई सात सालां री जोड़, नवल 
बनड़ी तो मूंगी घुंघट ओ बिणजारा जी, काई एक मायां री रात, नवल
दादीजी बैठ दूली चढ़ ओ बिणजारा जी, सासुजी बैठ दूली चढ़ ओ बिणजारा जी, काकीजी बैठ दूली चढ़ ओ बिणजारा जी, कोई सायधण चांपली पाव, नवल भाभीजी बैठ दूली चढ़ ओ बिणजारा जी, कोई सायधण काम बंटाय, नवल
 भुवा बाई बैठ दूली चढ़ ओ बिणजारा जी, कोई सायधण सीख दिराय, नवल 
बाइजी बैठ दूली चढ़ ओ बिणजारा जी, कोई सायधण सासरीये पुगाय, नवल

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