यह सरस गीत संग्रह का एक भजन है — पारंपरिक भक्ति की धरोहर। A devotional song from the Saras Geet collection.
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Ghodi
तर्ज (Tune): – आ बाबसा री लाडली …
भजन के बोल / Lyrics
ओ दादासा रो लाडलो घोड़ी पर चढ़ गयो रे, ओ बाबासा रो लाडलो घोड़ी पे चढ़ गयो रे । १) धीरे धीरे चालो प्यारा बनासा, दादीजी का लाडला धीरे – धीरे चालो प्यारा बनासा, बडीयाजी का लाडला, वो बान्ध कंसुबल पागड़ी परणवा चाल्यो रे । ओ पापाजी रो लाडलो घोड़ी पर चढ़ गयो रे ।
(इसी तरह परिवार का नाम लेना)
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Ghodi
तुं तो चाल घोड़ी चाल, म्हार बाबा र दरवार तूं तो चाल घोड़ी चाल, म्हार पापा र दरबार म्हे तो नहीं चलूं महाराज, म्हारे घणा घरां रो काम बनड़ो जीमे चावल दाल, घोड़ी चर चना री दाल बनड़ा रथ वेगो सिणगार, बनड़ी ऊभी जोवे बाट । तूं तो चाल घोड़ी चाल…
(इसी प्रकार घर वालों का नाम लेवना)
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१३.
घोड़ी बनासा री हद सीणगारी, इन्द्रलोक स्यूं आईजी ओ, देखो आईजी,