बधावो (सोनै रो सूरज)
सोने रो सूरज ऊगीयो, म्हांरो खिल रह्यो भाग सोभाग रे, बधावो गावो, पूज्य पधारया म्हारै शहर में ।। आंकड़ी।।
झूमरमल सा रा लाडला, माता नेमा देवी रा अंगजात रे। कविकुल कमल दिवा करो, ए तो जिन शासन रा नाथ रे।। 1 ।।
मुखमंडल महिमा मिल्यो, जाणै ऊग्यो पूनम चांद रे। शरण लियां होवै सुख साता, कटै स्मरण कियां भव फंद रे।। 2।।
शोभा निराली नगर री, लाग्यो गलियां-गलियां रंग रे। असवारी गुरुदेव री आई, घूमत ज्यूं मातंग रे।। 3।।
निरख छटा गणी राज री, हुवै हर्षित जैन-अजैन रे। बधावो गावो, पूज्य पधारया म्हारै शहर में।। 4।।
मधुरी-मधुरी भारती सुण, चित्त में पामै चैन रे। बधावो गावो, पूज्य पधारया म्हारै शहर में।। 5।।
चिरंजीवी महाश्रमणजी, ए तो जनता रा सुख चैन रे। बधावो गावो, पूज्य पधारया म्हारै शहर में।। 611