यह सरस गीत संग्रह का एक भजन है — पारंपरिक भक्ति की धरोहर। A devotional song from the Saras Geet collection.
तर्ज (Tune): सावन का महीना
भजन के बोल / Lyrics
आई है नन्हीं गुड़िया ले खुशियों की सौगात
हम सब की दुआए हरदम गुड़िया के साथ
जीवन भर सुख पाएं मुस्काए सदा दिन रात
नाना नानी(दादा दादी )देते दिल से ये आर्शीवाद – 2 जीवन भर सुख पाए मुस्काये सदा दिन रात
भूवा बलाए लेती नजर उतारती -2
तन मन धन सब भतीजी पे वारती
हर पल आशीषो की करती जाए बरसात
मौसी के मन में भी उमंग कमाल है।
खुशियों की आहटो की तरंगें कमाल है।
आज नही काबू में बेकाबू है जज्बात
ताई भी लाड लडाये बलि बलि जाये
परमेश्वर का हरदम शुक्र मनाये
पल पल करते जाये उस रब का धन्यवाद
मामी खुशी के मारे छम छम नाचती
शुभ कामनाओं वाले गीत गाती जा रही
प्यारा मन मोहन सा जैसे सुन्दर सा नंदलाल
चाची है हद से ज्यादा आज खुशहाल जी
गद गद होके पल पल-२ होवै है निहाल जी
ममता प्यार से मुन्ने के सरपर फेरे हाथ
आज खयाल कुछ-२ आये ऐसा जी
जग में कहावत है, बिल्कुल वेसाजी
होनहार विरवा के होत चिकनै पात