Tulsi Tera Nam

(लय : एक तेरा साथ)
तुलसी तेरा नाम-२ हमको प्राणों से भी प्यारा है।
अंधियारे में उजियारा है
देकर नव आयाम-२ जगाया सोया शौर्य हमारा है ॥ टेर ॥
१. तुम चले जिस राह उस राह पर गुरुवर,युगों तक जग चले।
न पंथ का झगड़ा,न छोटा या बड़ा, सभी इक छत तले। हो…
ओ युग के विश्राम-२ तूने युग का रूप निखारा है।
२. सुप्त चेतना को, अणुव्रत की जड़ी पिला, सचेतन कर दिया।

थोथी शिक्षा में, जीवन विज्ञान के, प्राण को भर दिया। हो..

मन पर रहे लगाम-२ प्रेक्षा ध्यान का यह नारा है।

३. छोड़ा घर परिवार, तुम बन गये अनगार, सिंधु सी धीरता थी।
कर निज पर कल्याण, कहलाये संत महान, गजब गंभीरता थी।
हो… ओ करुणा के धाम-२ तुमने कितनों को संवारा है।
४. अनचाही आई, ये तीज ना भायी, था प्रभु ने मुंह मोड़ा। समझ न पायें हम, रह रह सताये गम क्यों भक्तों को छोड़ा। हो…
घट घट वासी राम-२ आओ दिल से तुम्हें पुकारा है।

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