गुरुवर तेरे चरणों की
लय : सौ जाल बिछाते है
गुरुवर तेरे चरणों की, प्रभुवर तेरे चरणों की, भिक्षु तेरे चरणों की गर धूल भी मिल जाए सच कहता हूँ मेरी, तकदीर संवर जाए गुरुवर तेरे चरणों की
सुनते है ! दया तेरी दिन रात बरसती है,
इक बूंद जो मिल जाए दिल की कली खिल जाए।
गुरुवर तेरे चरणों की……
२. ये मन बड़ा चंचल है, कैसे तेरा ध्यान धरूं,
जितना इसे समझाऊं, उतना ही मचल जाए।
गुरुवर तेरे चरणों की……
३. नजरों से गिराना नहीं चाहे जितनी सजा देना,
नजरों से जो गिर जाए, मुश्किल है संभल पाना।
गुरुवर तेरे चरणों की…..
४. मेरे इस जीवन की बस एक तमन्ना है,
तुम सामने हो मेरे और प्राण निकल जाए।
गुरुवर तेरे चरणों की……