।। श्री हनुमान वन्दना ।।
(तर्ज-देर हो सकती है…)
हनुमान को खुश करना, आसान होता है।
सिन्दूर चढ़ाने से, हर काम होता है ।। टेर ।।
करले भजन दिल से, हनुमान प्यारे का,
जिसको भरोसा है, अंजनी दुलारे का,
वहाँ आनन्द है जहाँ इनका, गुणगान होता है ।।१।।
हनुमान के जैसा, कोई देव ना दूजा,
सबसे बड़ी जग में, हनुमान की पूजा,
वो घर मन्दिर जहाँ इनका सम्मान होता है ।।२।।
श्री राम के आगे, पूरा जोर है इनका,
‘बनवारी’ दुनिया में, अब शोर है इनका,
जो मुख मोड़े हनुमत से, परेशान होता है ।।३।।