Bikshu Baba Kripa Karo

-: भिक्षु बाबा कृपा करो :-

लय : परदेशी परदेशी जाना नहीं.
भिक्षु बाबा, भिक्ष बाबा, कृपा करो, कृपा करो दास पर,
इस दास पर, इस ओ भिक्षु मेरे बाबा, दास पुकारे, भक्तों की नैया बाबा तेरे सहारे ॥ ध्रुव ॥
मोह माया के जाल में ऐसे जकड़े हैं, 
काम क्रोध मद, लोभ के पाये पकड़े हैं 
कैसे निकलें बाहर रस्ते भूल गये, 
फन्दो ही फन्दों में हम तो झूल गये, 
ओ भिक्षु मेरे बाबा, दास पुकारे, 
भक्तों की नैया बाबा तेरे सहारे। 
भिक्षु बाबा, भिक्षु बाबा कृपा करो,
 कृपा करो, इस दास पर – २
हम गल्ती पर गल्ती भगवन् करते है, 
लेकिन फिर भी प्रेम तुम्ही से करते है, 
ज्ञान दीप पर अंधियारों के डेरे हैं, 
काले काले बादल हमको घेरे है, 
ओ भिक्षु मेरे बाबा दास पुकारे, 
भक्तों की नैया बाबा तेरे सहारे।
भिक्षु बाबा, भिक्षु बाबा कृपा करो, कृपा करो, इस दास पर – २
तेरी दया से तेरी ज्योती जगाई है, 
पुर्व जन्म की पूंजी सामने आई है, 
ऐसा वर दे भिक्षु तेरे गुण गायें, 
मंजिल श्री चरणो की जल्दी हम पायें, ● 
ओ भिक्षु मेरे बाबा दास पुकारे, 
भक्तों की नैया बाबा तेरे सहारे । 
भिक्षु बाबा, भिक्षु बाबा कृपा करो, 
कृपा करो, इस दास पर – २
ॐॐ भिक्षु ॐ भिक्षु जपा करो-जपा करो, संकट कटे विघ्न मिटे – २
आ भिक्षु मेरे बाबा, दर्शन देना, हमें याद रखना कहीं भूल न जाना
भिक्षु बाबा, भिक्ष बाबा कृपा करो, इस दास पर-इस दास पर – २
भिक्ष मेरे बाबा दास पुकारे, भक्तों की नैया बाबा तेरे सहारे 2
भिक्षु बाबा, भिक्ष बाबा कृपा करो, कृपा करो, सब दास पर – २

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