Shasan Ra O Swami

( लय- बाईसा  रा बीरा)
 शासन रा स्वामी , ओ अंत्तरयामी 
चरणा में थारे करा म्हे वन्दना 
ओ शिव पथ गामी दीपा सुतनामी
श्रद्धा भरी म्हारी स्वीकारो अर्चना, 
थे देख शिथिलत्ता धर्म धरातल में
उपचार करू इणरो धारी यूं मन में  
 निज गुरु स्यू रिश्तों तोड  दियो पल में 
तूफान विरोधा रो उमडयो  हो भारी 
खावण ने पूरो अन पिण नही मिलतो
घी सहित घाट काढी पातर स्यू बाई 
कांटा में भी बो फूल रहयो खिलतो
बा ज्योत रही जलती संघर्षा माही 
 मर पूरा देस्या सत्पथ नहीं छोड़ा, 
आतम बलरा धनी संकल्प करयो मनमें 
नही मिथ्यामत स्यू तार कदे जोड़यो
बढ़ता रहया प्रण पर नित अपने जीवन में
 मेरु ज्यू अविचल सागर सम धीरा
“गंगा ज्यू निर्मल संयम हो थारों 
चमक्या थे जग मे असली  हीरा
 म्हे पार नहीं पावा प्रभु री गरिमा रो
थारे शासन में रमता म्हे रेस्या
 म्हे   एक सुगुरूरी आणा में बेहवा
 तन मन स्यू विजय करा गण री आराधना

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