Toliyasar Ka Bheruji,

(तर्ज : बन्ना रे बागा में)
तोलियासर का भैरूंजी, मैं चरण नवाऊं शीष । मैं बालक अज्ञानी हूँ तो, ज्ञान करो बक्सीस ।।
भैरूं जी थांरी महिमा भारी – 2, थारै आवै दुनियाँ सारी, भैरूं तोलियासर वाला ।।
भैरूं जी, चोसठ जोगणी आवै – 2, धोरां में घुमर घालै, भैरूं तोलियासर वाला ।। 1 ।।
भैरूंजी, स्वान सवारी होवे, थारै हाथ में डमरू सोवे, भैरूं तोलियासर वाला ।। 2 ।।
भैरूंजी थांरी मूरत प्यारी, थे भक्तां रा हितकारी, भैरूं तोलियासर वाला ।। 3 ।।
भैरूंजी, घुघरिया घमकावै, भक्तां रा कोड पुरावै, भैरूं तोलियासर वाला ।। 4 ।।
भैरूं जी थारै दर्शन आयो, थांरां “भक्त” यश गायो, भैरूं तोलियासर वाला ।। 5 11

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