Jay Jay Shree Tulasi Guruvar

जय जय श्री तुलसी गुरुवर
(लय : ऐ मेरे वतन के लोगों..)
जय जय श्री तुलसी गुरुवर ! तुम राष्ट्र संत कहलाए। मानव को राह दिखाने, तुम दीप शिखा बन आए
१. पावन है नाम तुम्हारा, पावन है आत्म कहानी, 
पावन बन जग में छाए, तुम तप की अमर निशानी।
 ले तेरा पुण्य सहारा, हम भी पावन बन जाएं॥
२. हम हैं कितने सौभागी, तुम जैसे पाए नेता, 
जो भक्त अभक्त सभी की, है जीवन नैय्या खेता।नव-ज्योति किरण से देखो, ज्योतित है दसों दिशाएं ॥
३. तुम युग चिन्तक ! युग प्रहरी ! तुम युग के एक उजारे, तुमको प्रणाम ये करते, नभ के सब चांद-सितारे।
तुम कलाकार मतवाले, अगणित तेरी कलनाएं ॥
४. अणुव्रत का दीप जलेगा, घर-घर सुने आंगन में, 
बन शंखनाद गुजेगा, मानवता के कानन में। 
हे चिंरजीव चिरायु ! धरती की प्यास बुझाएं ॥

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top