(लय- फुलोरी बिना चटनी कैसे बनी)
ओढी-२ रे मैया जीने लाल चुनरी ,लाल चुनरी हो, गोटेदार चुनरी ओढ़ी—-
सतयुग में मां ने जन्म लिया है माँ शक्ति कहलाई भोले संग में ब्याह रचायो हवन में गई समाई,
रोए रोए भोले बाबा देख चुनरी, ओढो— त्रेता में माँ जन्म लियो, सीता माँ कहलाई,
राम के संग में व्याह रचायो वन में गई चुराई ,
रोए रोए दोनो भाई देख देख चुनरी
द्वापर में मां जन्म लियो है, द्रोपदी माँ कहलाई, पांडव संग में ब्याह रचाया, जुए में गई हराई
रोए रोए पाँचो भाई देख चुनरी
कलयुग में मांजन्म लियो है वैष्णो माँ कहलाई भैरव बाबा पीछे पड गये गुफामें गई समाई ,रोए रोए लांगुर भैरव देख चुनरी